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वर्तमान में लोकसभा और राज्यसभा सदस्य संख्या 2018

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वर्तमान में लोकसभा और राज्यसभा सदस्य संख्या 2018

वर्तमान में लोकसभा और राज्यसभा सदस्य संख्या 2018 आज सभी कॉम्पीटिशन एग्जाम में समान्य ज्ञान के सेक्शन मेंलोकसभा और राज्यसभा से सबंधित बहुत से प्रश्न पूछे जाते है क्योकि लोकसभा और राज्यसभा  से सबंधित  प्रश्न समान्य ज्ञान का एक इम्पोर्टेन्ट पार्ट है इसलिए यदि कोई उमीदवार किसी कॉम्पीटिशन एग्जाम की तैयारी  कर रहा है तो उसे लोकसभा और राज्यसभा से सबंधित समान्य ज्ञान होना चाहिए इसलिए आज हम लोकसभा और राज्यसभा के बारे  में बतायेंगे  यदि आप विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे: आईएएस, शिक्षक, यूपीएससी, पीसीएस, एसएससी, बैंक, एमबीए एवं अन्य सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे हैं, तो आपको इतिहास में हुई लोकसभा और राज्यसभा से सबंधित जानकारी होनी चाहिए इनमे से प्रश्न अक्सर एग्जाम में पूछे जाते है|

भारतीय संसद

संसद (पार्लियामेंट) भारत का सर्वोच्च विधायी निकाय है। यह द्विसदनीय व्यवस्था है। भारतीय संसद में राष्ट्रपति तथा दो सदन- लोकसभा (लोगों का सदन) एवं राज्यसभा (राज्यों की परिषद) होते हैं। राष्ट्रपति के पास संसद के दोनों में से किसी भी सदन को बुलाने या स्थगित करने अथवा लोकसभा को भंग करने की शक्ति है। भारतीय संसद का संचालन ‘संसद भवन’ में होता है। जो कि नई दिल्ली में स्थित है।

लोक सभा में राष्ट्र की जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं जिनकी अधिकतम संख्या 552 है। राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसमें सदस्य संख्या 250 है। राज्य सभा के सदस्यों का निर्वाचन / मनोनयन 2 वर्ष के लिए होता है। जिसके 1/3 सदस्य प्रत्येक २ वर्ष में सेवानिवृत्त होते है। वर्तमान मे लोकसभा के सदस्यो की संख्या 545 है तथा राज्यसभा के सदस्यो की संख्या 245 है।

लोक सभा

लोक सभा का गठन वयस्‍क मतदान के आधार पर प्रत्‍यक्ष चुनाव द्वारा चुने गए जनता के प्रतिनिधियों से होता है। सभा के सदस्‍यों की अधिकतम संख्‍या 552 है जैसा कि संविधान में उल्‍लेख किया गया है जिसमें 530 सदस्‍य राज्‍यों का, 20 सदस्‍य संघ राज्‍य क्षेत्रों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं और महामहिम राष्‍ट्रपति महोदय, यदि ऐसा मानते हैं कि आंग्‍ल भारतीय समुदाय को सभा में उचित प्रतिनिधित्‍व नहीं मिला है तो उस समुदाय से अधिकतम दो सदस्‍यों को नामित करते हैं। कुल निर्वाचित सदस्‍यता राज्‍यों में इस प्रकार वितरित की गई है कि प्रत्‍येक राज्‍य को आबंटित सीटों की संख्‍या और उस राज्‍य की जनसंख्‍या के मध्‍य अनुपात, जहाँ तक व्‍यवहार्य हो, सभी राज्‍यों के लिए समान रहे। विभिन्न राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के बीच विभाजित सदस्यों की संख्या निम्नवत् है-

लोकसभा सदस्य संख्या 2018

(1) आंध्र प्रदेश 42
(2) अरुणाचल प्रदेश 2
(3) असम 14
(4) बिहार 40
(5) छत्तीसगढ़ 11
(6) गोवा 2
(7) गुजरात 26
(8) हरियाणा 10
(9) हिमाचल प्रदेश 4
(10) जम्मू और कश्मीर 6
(11) झारखंड 14
(12) कर्नाटक 28
(13) केरल 20
(14) मध्य प्रदेश 29
(15) महाराष्ट्र 48
(16) मणिपुर 2
(17) मेघालय 2
(18) मिजोरम 1
(19) नागालैंड 1
(20) उड़ीसा 21
(21) पंजाब 13
(22) राजस्थान 25
(23) सिक्किम 1
(24) तमिलनाडु 39
(25) त्रिपुरा 2
(26) उत्तरांचल 5
(27) उत्तर प्रदेश 80
(28) पश्चिम बंगाल 42
(29) अंडमान और निकोबार 1
(30) चंडीगढ़ 1
(31) दादर और नागर हवेली 1
(32) दमन और द्वीव 1
(33) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली 7
(34) लक्षद्वीप 1
(35) पांडिचेरी 1
(36) आंग्ल भारतीय ( यदि संविधान के अनु. 331 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्दिष्ट किए गए हैं)

राज्य सभा

राज्य सभा भारतीय लोकतंत्र की ऊपरी प्रतिनिधि सभा है। लोकसभा निचली प्रतिनिधि सभा है। राज्यसभा में 245 सदस्य होते हैं। जिनमे 12 सदस्य भारत के राष्ट्रपति के द्वारा नामांकित होते हैं। इन्हें ‘नामित सदस्य’ कहा जाता है। अन्य सदस्यों का चुनाव होता है। राज्यसभा में सदस्य 6 साल के लिए चुने जाते हैं, जिनमे एक-तिहाई सदस्य हर 2 साल में सेवा-निवृत होते हैं।

किसी भी संघीय शासन में संघीय विधायिका का ऊपरी भाग संवैधानिक बाध्यता के चलते राज्य हितों की संघीय स्तर पर रक्षा करने वाला बनाया जाता है। इसी सिद्धांत के चलते राज्य सभा का गठन हुआ है। इसी कारण राज्य सभा को सदनों की समानता के रूप में देखा जाता है जिसका गठन ही संसद के द्वितीय सदन के रूप में हुआ है। राज्यसभा का गठन एक पुनरीक्षण सदन के रूप में हुआ है जो लोकसभा द्वारा पास किये गये प्रस्तावों की पुनरीक्षा करे। यह मंत्रिपरिषद में विशेषज्ञों की कमी भी पूरी कर सकती है क्योंकि कम से कम 12 विशेषज्ञ तो इस में मनोनीत होते ही हैं। आपातकाल लगाने वाले सभी प्रस्ताव जो राष्ट्रपति के सामने जाते हैं, राज्य सभा द्वारा भी पास होने चाहिये। जुलाई 2018 से, राज्यसभा सांसद सदन में 22 भारतीय भाषाओं में भाषण कर सकते हैं क्योंकि ऊपरी सदन में सभी 22 भारतीय भाषाओं में एक साथ व्याख्या की सुविधा है भारत के उपराष्ट्रपति (वर्तमान में वैकेया नायडू ) राज्यसभा के सभापति होते हैं। राज्यसभा का पहला सत्र 13 मई 1952 को हुआ था।

राज्य सभासदस्य संख्या 2018

(1) आंध्र प्रदेश 18
(2) अरुणाचल प्रदेश 1
(3) असम 7
(4) बिहार 16
(5) छत्तीसगढ़ 5
(6) गोवा 1
(7) गुजरात 15
(8) हरियाणा 5
(9) हिमाचल प्रदेश 3
(10) जम्मू और कश्मीर 4
(11) झारखंड 6
(12) कर्नाटक 12
(13) केरल 9
(14) मध्य प्रदेश 11
(15) महाराष्ट्र 19
(16) मणिपुर 1
(17) मेघालय 1
(18) मिजोरम 1
(19) नागालैंड 1
(20) उड़ीसा 10
(21) पंजाब 7
(22) राजस्थान 10
(23) सिक्किम 1
(24) तमिलनाडु 18
(25) त्रिपुरा 1
(26) उत्तरांचल 3
(27) उत्तर प्रदेश 31
(28) पश्चिम बंगाल 16
(29) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली 3
(30) पांडिचेरी 1
(31) संविधान के अनुच्छेद 80(1)(क) के अंतर्गत 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नामनिर्दिष्ट होंगे।

लोकसभा एवं राज्यसभा में अंतर :-

क्र.सं.

लोकसभा राज्यसभा
1. इसके सदस्य आम जनता द्वारा वयस्क मतदान की प्रक्रिया के तहत चुने जाते हैं| इसके सदस्य राज्य विधान सभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं|
2. लोक सभा का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है| यह एक स्थायी सदन है जिसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो साल बाद रिटायर हो जाते हैं|
3. इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 552 है| इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 250 है|
4. धन विधेयक को केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है। यह सदन देश में शासन चलाने हेतु धन आवंटित करता है| धन विधेयक के संबंध में राज्यसभा को अधिक शक्तियां प्राप्त नहीं है|
5. केन्द्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है| केन्द्रीय मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्यसभा के प्रति उत्तरदायी नहीं होती है|
6. लोकसभा के बैठकों की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं| राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता उप-राष्ट्रपति करते हैं |
7. इसे निचला सदन या आम जनता का सदन कहा जाता है| इसे ऊपरी सदन या ‘राज्यों की परिषद्’ कहा जाता है|
8. यदि कैबिनेट मंत्री द्वारा प्रस्तुत कोई विधेयक इस सदन में पारित नहीं हो पाता है, तो पूरी कैबिनेट को इस्तीफा देना पड़ता है। यदि कैबिनेट मंत्री द्वारा प्रस्तुत कोई विधेयक इस सदन में पारित नहीं हो पाता है, तो पूरी कैबिनेट को इस्तीफा नहीं देना पड़ता है।
9. भारत के राष्ट्रपति इस सदन में आंग्ल-भारतीय समुदाय के 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं। भारत के राष्ट्रपति इस सदन में कला, शिक्षा, समाजसेवा एवं खेल जैसे क्षेत्रों से संबंधित 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं|
10. लोकसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु-सीमा 25 वर्ष है| राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु-सीमा 30 वर्ष है|

 

हमने इस पोस्ट में राज्य सभा के सदस्यों की सूची लोकसभा और राज्यसभा में अंतर लोकसभा सदस्य संख्या राजस्थान के राज्यसभा सदस्य राज्यसभा में सदस्यों की संख्या वर्तमान लोकसभा सदस्य संख्या  how many members in lok sabha and rajya sabha nda strength in rajya sabha lok sabha speaker राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा क्या है राज्य सभा और विधान सभा के बीच का अंतर लोकसभा और विधानसभा में अंतर लोक सभा क्या है लोक सभा और राज्य सभा के बीच का अंतर राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव से संबंधित  जानकारी दी हैऔर आगे आने वाली परीक्षाओं में भी इनमें से काफी प्रश्न पूछे जा सकते हैं. तो इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें. अगर इनके बारे में आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके पूछो और अगर आपको यह  जानकारी  फायदेमंद लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें.

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