उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान Part-5

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उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान Part-5

उत्तराखंड का सामान्य ज्ञान Pdf-5  सभी कॉम्पीटिशन जैसेः Banking ,SSC ,Police ,Army Navey आदि एग्जाम के समान्य ज्ञान के सेक्शन के अन्दर सभी राज्य की समान्य ज्ञान से सम्बंधित से प्रश्न ही पूछे जाते है और यदि कोई भी उत्तराखंड पुलिस या कोई राज्य लेवल का एग्जाम है उसके अन्दर सबसे ज्यादा राज्य से सम्बंधित सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछते है जैसेः राज्य की जनसँख्या ,राजभाषा ,राजधानी आदि से सबंधित बहुत से प्रश्न बनते है इसलिए कोई भी उमीदवार जो किसी कॉम्पीटिशन एग्जाम कि तैयारी कर रहा है उसे सभी राज्य समान्य ज्ञान से सम्बंधित से रिलेटेड जानकारी होनी चाहिए तभी वाह समान्य ज्ञान के सेक्शन को अच्छी तरह से और जल्दी कर सकता है तो आज हम उत्तराखंड के प्रमुख बाँध / जल विधुत परियोजनाएं से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण  जानकारी देंगे जो अक्सर एग्जाम में पूछे जाते है|

उत्तराखंड के प्रमुख बाँध / जल विधुत परियोजनाएं

ग्लोगी जल विधुत परियोजना

  • ग्लोगी जल विधुत परियोजना मसूरी के भट्टा फॉल पर स्थित है
  • इसकी क्षमता 1000 मेगावाट की है
  • ग्लोगी जल विधुत परियोजना उत्तराखंड को पहली जल विधुत परियोजना है इसमें 1909 से विधुत उत्पादन हो रहा है

टिहरी परियोजना

  • टिहरी जल विधुत परियोजना भागीरथी तथा भिलंगना नदियों के संगम पर टिहरी में स्थित है
  • वर्तमान में टिहरी बाँध एशिया का सबसे ऊंचा बाँध है जिसकी ऊंचाई 260.5 मीटर है , इसकी विशालता के कारण इसे राष्ट्र का गाँव कहा गया है
  • टिहरी बाँध की कुल विधुत उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट है
  • टिहरी बाँध की कुल जल धारण क्षमता 354 करोड़ घन मीटर है तथा इसका जलाशय 42 वर्ग किमी में फैला है जिसे स्वामी रामतीर्थ सागर के नाम से जाना जाता है
  • टिहरी परियोजना को 1972 में योजना आयोग ने स्वीकृति प्रदान की और 1978 में सिंचाई विभाग द्वारा इसका निर्माण शुरू किया गया , कार्य धीमा होने के कारण 1988 में इसके निर्माण की जिम्मेदारी टिहरी जल बाँध निगम का गठन कर उसको दे दी गयी
  • टिहरी बाँध का डिजाईन प्रो. जेम्स ब्रून ने तैयार किया
  • टिहरी के लोगो ने विस्थापन के चलते टिहरी बाँध का विरोध भी किया , बाँध के विरोध के लिए 1978 में टिहरी में बाँध विरोधी समिती का गठन किया गया

विष्णु प्रयाग जल विधुत परियोजना

  • विष्णु प्रयाग जल विधुत परियोजना चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर स्थित है
  • इसकी कुल  क्षमता 650 मेगावाट है

धौलीगंगा परियोजना

  • धौलीगंगा परियोजना पिथोरागढ़ जनपद के धारचूला में धौलीगंगा नदी पर स्थित है
  • इसकी कुल क्षमता 280 मेगावाट की है जिसे 2005 में शुरू किया गया
  • इस  परियोजना में कट ऑफ वाल तकनीक का प्रयोग किया गया है

पंचेश्वर बाँध परियोजना

  • पंचेश्वर बांध परियोजना  उत्तराखंड के चम्पावत जिले में बनाने वाली एक जल विधुत परियोजना है

कुछ अन्य जल विधुत परियोजनाएं ,

  • मनेरी भाली परियोजना – भागीरथी , 90 मेगावाट , उत्तरकाशी
  • श्रीनगर जल विधुत परियोजना – अलकनंदा, 330 मेगावाट , श्रीनगर
  • पथरी परियोजना – गंगा नहर , 20 मेगावाट, हरिद्वार
  • खटीमा परियोजना – शारदा , 41 मेगावाट , उधम सिंह नगर
  • छिबरो परियोजना – टोंस , 240 मेगावाट , देहरादून
  • रामगंगा परियोजना – रामगंगा , 198 मेगावाट , पौड़ी
  • टनकपुर परियोजना – शारदा , 120 मेगावाट , चम्पावत

उत्तराखंड(गढ़वाल ) के प्रमुख ताल / झीलें

गढ़वाल के प्रमुख ताल

 महासरताल

  • महासरताल टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित है
  • यह झील दो कटोरेनुमा तालों से निर्मित है
  • महासर ताल को भाई बहन ताल भी कहा जाता है

 सहस्त्रताल

  • सहस्त्रताल टिहरी गढ़वाल जिले मेर स्थित गढ़वाल क्षेत्र का सबसे बड़ा व गहरा ताल है

 यमताल

  • यह ताल टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित है

 बासुकीताल

  • बासुकीताल टिहरी गढ़वाल जिले में स्थित है
  • बासुकीताल का पानी लाल रंग का है
  • यह ताल नीले रंग के कमल के लिए प्रसिद्ध है

 मंसूर ताल

  • मंसूर ताल टिहरी गढ़वाल जिले में खतलिंग ग्लेशियर के समीप स्थित है
  • इस ताल से दूध गंगा नदी निकलती है

 रूपकुण्ड

  • रूपकुण्ड चमोली जिले में बेदिनी बुग्याल के निकट स्थित है
  • ऐसी मान्यता है कि इस ताल का निर्माण शिव पार्वती ने कैलाश जाते समय किया था
  • इस ताल के समीप नर कंकाल प्राप्त होते है इसलिए इसे कंकाली ताल भी कहा जाता है एअसी मान्यता है की ये कंकाल यहाँ के राजा यशधवल और रानी बल्पा और उनके सैनिकों के है

 अप्सराताल

  • यह ताल टिहरी के समीप स्थित है इसे अछरी  ताल भी कहा जाता है

 होमकुण्ड

  • होमकुण्ड झील रूपकुण्ड से 17 किमी की दूरी पर चमोली जिले में स्थित है

 हेमकुण्ड

  • हेमकुण्ड चमोली जिले में स्थित है
  • इस झील के किनारे सिक्खों के दसवें गुरु गोविन्द सिंह ने तपस्या की थी इसके किनारे एक प्रसिद्ध गुरुद्वारा हेमकुण्ड साहिब है
  • हेमकुण्ड झील को लोकपाल झील भी कहा जाता है
  • हेमकुण्ड से अलकनंदा की सहायक नदी लक्ष्मण गंगा निकलती है

 सतोपंथ ताल

  • सतोपंथ ताल चमोली जिले में स्थित है

 शरवदी ताल

  • यह ताल रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है
  • इस ताल को गाँधी सरोवर भी कहा जाता है , 1948 में यहाँ महात्मा गाँधी की अस्थियाँ प्रवाहित की गयी थी
  • शरवदी ताल  को चौरा बाड़ी ताल भी कहा जाता है

 लिंगाताल

  • लिंगाताल चमोली जिले में फूलों की घाटी के मध्य में स्थित है

 बेनिताल

  • यह ताल चमोली जिले में स्थित है , इसके निकट नंदा देवी मंदिर है

 फाचकंडी बयांताल

  • यह ताल उत्तरकाशी जिले में स्थित है इसका जल उबलता हुआ है

भेंक ताल

  • यह ताल रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है , इसका आकार अण्डाकार है

इन सभी तालो के अलावा गढ़वाल क्षेत्र के कुछ और ताल और उनकी स्थिति निम्नवत है

  • मातृका ताल – चमोली
  • नरसिंह ताल – चमोली
  • सिद्ध ताल – चमोली
  • नचिकेता ताल – उत्तरकाशी
  • डोडिताल – उत्तरकाशी
  • केदारताल – उत्तरकाशी
  • सरताल – उत्तरकाशी
  • रोही साड़ाताल- उत्तरकाशी
  • भराड़सर ताल उत्तरकाशी
  • खिड़ा ताल – उत्तरकाशी
  • देवरिया ताल – रूद्र प्रयाग
  • बदाणी ताल – रुद्रप्रयाग
  • गोहना ताल – रुद्रप्रयाग
  • झल ताल – चमोली
  • सुख ताल – चमोली
  • विष्णु ताल – चमोली
  • बेनिताल – चमोली
  • विरही ताल(गौना झील )- चमोली
  • ताराकुंड – चमोली
  • दुग्ध ताल – पौड़ी गढ़वाल
  • भिलंग ताल – टिहरी गढ़वाल

उत्तराखंड(कुमाऊं) के प्रमुख ताल / झीलें

ग्लोगी जल विधुत परियोजना

  • ग्लोगी जल विधुत परियोजना मसूरी के भट्टा फॉल पर स्थित है
  • इसकी क्षमता 1000 मेगावाट की है
  • ग्लोगी जल विधुत परियोजना उत्तराखंड को पहली जल विधुत परियोजना है इसमें 1909 से विधुत उत्पादन हो रहा है

टिहरी परियोजना

  • टिहरी जल विधुत परियोजना भागीरथी तथा भिलंगना नदियों के संगम पर टिहरी में स्थित है
  • वर्तमान में टिहरी बाँध एशिया का सबसे ऊंचा बाँध है जिसकी ऊंचाई 260.5 मीटर है , इसकी विशालता के कारण इसे राष्ट्र का गाँव कहा गया है
  • टिहरी बाँध की कुल विधुत उत्पादन क्षमता 2400 मेगावाट है
  • टिहरी बाँध की कुल जल धारण क्षमता 354 करोड़ घन मीटर है तथा इसका जलाशय 42 वर्ग किमी में फैला है जिसे स्वामी रामतीर्थ सागर के नाम से जाना जाता है
  • टिहरी परियोजना को 1972 में योजना आयोग ने स्वीकृति प्रदान की और 1978 में सिंचाई विभाग द्वारा इसका निर्माण शुरू किया गया , कार्य धीमा होने के कारण 1988 में इसके निर्माण की जिम्मेदारी टिहरी जल बाँध निगम का गठन कर उसको दे दी गयी
  • टिहरी बाँध का डिजाईन प्रो. जेम्स ब्रून ने तैयार किया
  • टिहरी के लोगो ने विस्थापन के चलते टिहरी बाँध का विरोध भी किया , बाँध के विरोध के लिए 1978 में टिहरी में बाँध विरोधी समिती का गठन किया गया

विष्णु प्रयाग जल विधुत परियोजना

  • विष्णु प्रयाग जल विधुत परियोजना चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर स्थित है
  • इसकी कुल  क्षमता 650 मेगावाट है

धौलीगंगा परियोजना

  • धौलीगंगा परियोजना पिथोरागढ़ जनपद के धारचूला में धौलीगंगा नदी पर स्थित है
  • इसकी कुल क्षमता 280 मेगावाट की है जिसे 2005 में शुरू किया गया
  • इस  परियोजना में कट ऑफ वाल तकनीक का प्रयोग किया गया है

पंचेश्वर बाँध परियोजना

  • पंचेश्वर बांध परियोजना  उत्तराखंड के चम्पावत जिले में बनाने वाली एक जल विधुत परियोजना है
  • पंचेश्वर बाँध के बारे में अधिक जानकारी के लिए

 कुछ अन्य जल विधुत परियोजनाएं

  • मनेरी भाली परियोजना – भागीरथी , 90 मेगावाट , उत्तरकाशी
  • श्रीनगर जल विधुत परियोजना – अलकनंदा, 330 मेगावाट , श्रीनगर
  • पथरी परियोजना – गंगा नहर , 20 मेगावाट, हरिद्वार
  • खटीमा परियोजना – शारदा , 41 मेगावाट , उधम सिंह नगर
  • छिबरो परियोजना – टोंस , 240 मेगावाट , देहरादून
  • रामगंगा परियोजना – रामगंगा , 198 मेगावाट , पौड़ी
  • टनकपुर परियोजना – शारदा , 120 मेगावाट , चम्पावत

हमने इस पोस्ट में उत्तराखंड के बांध उत्तराखंड जल विद्युत परियोजना ग्लोगी जल विद्युत परियोजना जल विद्युत परियोजना इन इंडिया उत्तराखंड की जल विद्युत परियोजना कोटेश्वर बांध परियोजना उत्तराखंड बांध उत्तराखंड जल विद्युत dehradun uttarakhand उत्तराखंड की परियोजना उत्तराखंड जल विद्युत निगम की स्थापना कब हुई उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की स्थापना कब हुई कोठार बांध कहाँ है भारत की जल विधुत परियोजनाएं भारत की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना से संबंधित  जानकारी दी हैऔर आगे आने वाली परीक्षाओं में भी इनमें से काफी प्रश्न पूछे जा सकते हैं. तो इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ें. अगर इनके बारे में आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके पूछो और अगर आपको यह  जानकारी  फायदेमंद लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें.

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